
गुरुग्राम। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के साथ ही साइबर सिटी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। वर्षा के मौसम में जगह-जगह जमा कूड़े के ढेर अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। गलियों, बाजारों और सेक्टरों के खाली स्थानों पर कई दिनों से कूड़ा पड़ा है। वर्षा का पानी कूड़े में जमा होने से दुर्गंध फैल रही है।
स्थिति यह है कि कई स्थानों पर लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि जिस शहर को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला शहर बनाने के दावे किए जाते हैं, वहां सफाई व्यवस्था के नाम पर यह स्थिति नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
हड़ताल के कारण नियमित रूप से घरों और बाजारों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावित हुई है। कूड़ा उठान नहीं होने से घरों का कचरा भी आसपास जमा हो रहा है। वर्षा के बाद इसमें सड़ांध पैदा होने लगी है। कई स्थानों पर आवारा पशु कूड़े को सड़क पर फैला रहे हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से स्थायी समाधान के बजाय केवल खानापूर्ति की जा रही है।
कर देना आता है, सुविधा देना नहीं
सेक्टर-40 निवासी राजन मिश्रा का कहना है कि शहर के लोगों से हर तरह के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधा देने के समय प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं होता। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में कूड़ा नहीं उठना गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों को वातानुकूलित कमरों से निकलकर एक बार उन इलाकों का जायजा लेना चाहिए, जहां लोग रोजाना इस गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। जनता आखिर कब तक प्रशासन की नाकामी का खामियाजा भुगतेगी।
सेक्टर-31 निवासी जय सिंह का कहना है कि नगर निगम के दावे जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रहे। कई दिनों से कूड़ा पड़ा है और वर्षा ने स्थिति और खराब कर दी है। अधिकारी और सरकार सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन शहर की असली तस्वीर कूड़े के ढेर बता रहे हैं।
अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। न्यू कालोनी निवासी हरवंश वर्मा का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की समस्या का समाधान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा आम जनता क्यों भुगते?
प्रशासन को बातचीत करके तत्काल समाधान निकालना चाहिए। शहर में कूड़ा जमा होने देना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। गुरुग्राम को स्मार्ट सिटी जैसा दिखाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेर शहर की वास्तविक तस्वीर सामने ला रहे हैं।
हड़ताल खत्म कराकर नियमित उठान की मांग
लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का समाधान बातचीत से निकालना चाहिए, लेकिन इसके साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह हड़ताल के भरोसे छोड़ना प्रशासन की बड़ी चूक है। वर्षा के मौसम में स्थिति और गंभीर होने से पहले कूड़े का नियमित उठान शुरू नहीं हुआ तो परेशानी और बढ़ सकती है। लोगों ने सरकार और नगर निगम प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर हड़ताल समाप्त कराने, जमा कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था को सामान्य करने की मांग की है।

