
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नागपुर के उत्तर-पश्चिम इलाके में बच्चों के लिए काम करने वाला एक NGO सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल, NGO के चीफ पर कई युवतियों ने यौन शोषण और धार्मिक दबाव सहित कई आरोप गंभीर लगाए है। इसको लेकर शनिवार की रात को मनकापुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। इसके बाद आरोपी रियाज फाजिल काजी को तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया गया।
यह केस, TCS नासिक यूनिट में कथित यौन और धार्मिक उत्पीड़न के मामले और अमरावती जिले के परतवाड़ा में हुए यौन शोषण के ठीक बाद सामने आया है। जिसमें खुफिया एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, राज्य की आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने NGO के बैकग्राउंड, उसके वित्तीय लेन-देन और गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाने के अपने घोषित मकसद से परे उसके संभावित संपर्कों की समानांतर जांच शुरू कर दी है।
दो साल से आरोपी कर रहा था परेशान
जानकारी के अनुसार, मुख्य शिकायतकर्ता एक 23 साल की महिला है, जो सितंबर 2023 से NGO में एडमिनिस्ट्रेशन और HR हेड के तौर पर काम कर रही थी। FIR के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को उसके जन्मदिन पर, दोपहर करीब 1 बजे ऑफिस में हुए जश्न के बाद, काजी ने उसे अपने केबिन में बुलाया। वहां उसकी मर्जी के खिलाफ उसे गले लगाया, उसके माथे पर चूमा और कहा, “मैं आज तुम्हें जाने नहीं देना चाहता।”
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि नौकरी खोने के डर से वह विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। पीड़िता ने आगे आरोप लगाया कि उसे बार-बार गले लगाने की कोशिशें की गई, जिसमें एक घटना ऐसी भी शामिल है जब आरोपी ने कथित तौर पर उसे गले लगाने की कोशिश करने से पहले CCTV का प्लग निकाल दिया था। पीड़िता ने बताया कि जब उसने आरोपी की इन हरकतों का विरोध किया, तो उसने उसके साथ बदतमीजी से पेश आना शुरू कर दिया।
फेक सोशल मीडिया अकाउंट से रखता था नजर
उसने यह भी दावा किया कि जब वह अकेली होती थी, तो आरोपी उसे छूता था और दूसरों से उसके बारे में जानकारी जुटाता था। उसने काजी पर यह भी आरोप लगाया कि उसने महिला स्टाफ और वॉलंटियर्स की हरकतों पर नजर रखने के लिए, अपने और उसके नाम के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, FIR के मुताबिक, पीड़ित की बड़ी बहन, जो नवंबर 2025 में NGO में असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर शामिल हुई थी। उस पर भी आरोपी ने जोर डाला कि, वह फील्ड विजिट के दौरान सुरक्षित यात्रा के लिए किसी खास धर्म की प्रार्थनाएं करे, पूरे शरीर को ढकने वाले खास कपड़े भी पहने।
इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि काजी के बर्ताव की वजह से दूसरे कर्मचारियों ने भी नौकरी छोड़ दी, जिनमें 2024 में NGO के साथ काम करने वाली 24 साल की एक टीचर भी शामिल थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि कुछ लोगों ने घूरने या धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने की कोशिशों का जिक्र किया, जबकि काजी को पता था कि वे दूसरे धर्म के हैं। एक खास तौर पर गंभीर आरोप 13 अप्रैल को एक पूर्व कर्मचारी की मां को किए गए फोन कॉल से जुड़ा है। जिसमें काजी ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
18 अप्रैल को मामला किया गया दर्ज
इस बीच जब पीड़ित समूह 18 अप्रैल को NGO के दफ्तर पहुंचा, तो वह बंद मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और मामला दर्ज किया गया। फिलहाल मानकापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर हरेश कालसेकर ने कहा कि, सभी पीड़ितों से संपर्क किया जाएगा। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में उसे भेज दिया है। इस मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है। CCTV सहित अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

