
गुरुग्राम। गुरुग्राम में एक 64 वर्षीय बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने और सुबूत मिटाने के लिए उसका शव जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृत बुजुर्ग की पहचान खांडसा गांव निवासी बलराम के रूप में की गई।
बलराम 14 जून से घर से लापता था। परिवार ने सेक्टर 37 थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच के आधार पर तीन लोगों के बारे में जानकारी एकत्रित की। उन्हें शुक्रवार को शक के आधार पर पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने बुजुर्ग की हत्या करने और शव जलाने की वारदात स्वीकार की।
आरोपित मिथुन गुरुग्राम में चलाता था ऑटो
आरोपितों की पहचान गाजियाबाद निवासी विशेष तोमर, बुलंदशहर जिले के फकाना गांव निवासी मिथुन और सोनीपत के खरखैदा निवासी संदीप के रूप में की गई। आरोपित मिथुन गुरुग्राम में ऑटो चलाता था, जबकि विशेष व संदीप गुरुग्राम में पशुपालन का कार्य करते हैं तथा खांडसा क्षेत्र में बलराम के घर के पड़ोस में ही रहते थे। आरोपितों ने बताया कि बलराम आए दिन बिना वजह उनके साथ गाली-गलौज करता था।
गुस्से में आकर आरोपितों ने कर दी हत्या
12 जून की रात को भी बलराम ने उनके साथ गाली-गलौज की थी। गुस्से में आकर तीनों आरोपितों ने उसकी लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपित संदीप व विशेष ने बलराम के शव को मोटरसाइकिल पर रखकर लगभग 500 मीटर दूर खांडसा गांव के पीछे सूनसान जगह पर ले गए। सुबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया।
आरोपितों ने शव के पूरी तरह जल जाने तक वहीं रुककर निगरानी की। जांच में पता चला कि संदीप के विरुद्ध हत्या के तहत एक केस सोनीपत में पहले से ही दर्ज है। मिथुन के विरुद्ध मारपीट करने के तहत एक केस गाजियाबाद व एक केस गुरुग्राम में दर्ज है।

