
गुरुग्राम। मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव संबंधी समस्याओं में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने विशेष हेल्पलाइन नंबर 9821395354 जारी किया है।
नागरिक इस नंबर पर फोन करने के साथ-साथ वॉट्सएप के माध्यम से भी जलभराव संबंधी सूचना दे सकते हैं। शिकायतों को मानसून मैनेजमेंट सेल (एमएमसी) के काल सेंटर से तत्काल संबंधित क्षेत्र की फील्ड टीम तक पहुंचाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जलभराव की स्थिति की हो रही निगरानी
नगर निगम गुरुग्राम का मानसून मैनेजमेंट सेल सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे सक्रिय रहकर शहर में वर्षा और जलभराव की स्थिति पर निगरानी कर रहा है। कॉल सेंटर में तैनात कर्मचारी नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं, फील्ड टीमों की रिपोर्ट और विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फील्ड टीम को भेजी जाती है सूचना
विशेष हेल्पलाइन नंबर पर जलभराव से संबंधित सूचना प्राप्त होते ही काल सेंटर कर्मचारी शिकायत का विवरण संबंधित क्षेत्र में तैनात फील्ड टीम के साथ साझा करते हैं। संबंधित टीम कार्रवाई के लिए तुरंत ही सक्रिय हो जाती है।
नगर निगम द्वारा मानसून के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड टीमें, इंजीनियरिंग स्टाफ और आवश्यक मशीनरी तैनात की गई है। कॉल सेंटर और फील्ड टीमों के बीच निरंतर समन्वय के माध्यम से शिकायत वाले स्थानों पर सहायता उपलब्ध कराने और जलनिकासी व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु करने पर फोकस किया जा रहा है।
भेज सकते हैं लोकेशन और जानकारी
विशेष हेल्पलाइन नंबर 9821395354 पर नागरिक काल के साथ वासट्सएप के माध्यम से भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं। नागरिक जलभराव वाले स्थान की सही लोकेशन और समस्या का संक्षिप्त विवरण साझा करके टीम को मौके तक जल्द पहुंचने में सहयोग कर सकते हैं।
सीसीटीवी कैमरों से भी हो रही निगरानी
मानसून मैनेजमेंट सेल केवल शिकायतों के आधार पर ही नहीं, बल्कि शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है। वर्षा शुरू होने के साथ ही कॉल सेंटर में तैनात कर्मचारी अलर्ट मोड में आ जाते हैं और संवेदनशील स्थानों की स्थिति पर नजर रखते हैं।
अतिरिक्त आयुक्त ने किया कॉल सेंटर का निरीक्षण
नगर निगम गुरुग्राम की अतिरिक्त आयुक्त अंकिता चौधरी ने मानसून मैनेजमेंट सेल के कॉल सेंटर का दौरा किया। उन्होंने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत प्राप्त होने से लेकर फील्ड टीम तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया और शिकायतों पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की।

