
गुरुग्राम। सोमवार को नगर निगम गुरुग्राम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 14 मई तक बढ़ा दिया गया। कर्मचारियों ने शहर में विरोध प्रदर्शन करते हुए कई स्थानों पर काम रुकवाया और कूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़कों पर खाली करवाईं।
कर्मचारियों ने कूड़ा जेल चौक, नगर निगम के पुराने कार्यालय के सामने की सड़क तथा पुराने नागरिक अस्पताल की जमीन पर बनी पार्किंग के सामने सड़क पर फेंककर विरोध जताया। कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार पर वादा खिलाफी, तानाशाही और हठधर्मिता का आरोप लगाया।
थाली बजाकर जताया विरोध
सफाई कर्मचारियों ने अधिकारियों को जगाने के लिए शहर में थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आम जनता से समर्थन की अपील भी की। प्रदर्शन पुराना नगर निगम कार्यालय से शुरू होकर अग्रसेन चौक, सेशन हाउस, मोरनी चौक, पुराना जेल चौक, सिद्धेश्वर मंदिर, गुरुद्वारा रोड और अग्रवाल धर्मशाला चौक होते हुए वापस नगर निगम कार्यालय पहुंचा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी
विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता इकाई प्रधान बसंत कुमार ने की, जबकि संचालन एसकेएस ब्लाक सचिव महेश कुमार और कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा ने किया। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य सह सचिव सुशीला देवी और राज्य उपाध्यक्ष बसंत कुमार ने कहा कि गुरुग्राम के 3480 सफाई कर्मचारियों समेत अन्य पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों के छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को विभागीय रोल पर बहाल किया जाए।
उन्होंने मांग की कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई, चार्जशीट और दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। साथ ही 2023 की हड़ताल अवधि का वेतन जारी किया जाए और 26 सफाई कर्मी नेताओं का सर्विस ब्रेक समाप्त किया जाए। नेताओं ने कहा कि जब तक 17 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

