गुरुग्राम में सूख रहा भूजल, लेकिन सोसायटियों के हार्वेस्टिंग पिट पड़े हैं बंद; आज GMDA करेगा मॉक ड्रिल

 गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम में 600 से अधिक ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां हैं, लेकिन वर्षा जल बचाने के इंतजाम नहीं हैं। भूजल स्तर में लगातार गिरावट के बावजूद कई सोसायटियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट या तो बंद पड़े हैं, क्षतिग्रस्त हैं या उनकी नियमित सफाई और रखरखाव नहीं हो रहा है। ऐसे में वर्षा जल का बड़ा हिस्सा जमीन में रिचार्ज होने के बजाय सीधे ड्रेनेज सिस्टम में बह जाता है।

नगर एवं योजनाकार विभाग से जुड़े नियमों के अनुसार सभी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में बिल्डरों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना जरूरी है। कई सोसायटियों में यह व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन प्रणालियों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव किया जाए तो मानसून सीजन के दौरान लाखों लीटर पानी भूजल में पहुंचाया जा सकता है।

डार्क जोन में क्षेत्र, सूख रहा भूजल

गुरुग्राम लंबे समय से गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझ रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में भूजल दोहन लगातार बढ़ रहा है, जबकि प्राकृतिक रिचार्ज की व्यवस्था नहीं है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सोसायटियों में स्थापित सिस्टम पूरी क्षमता से काम करें तो भूजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आज होगी मॉक ड्रिल, आरडब्ल्यूए को भी मिलेगा प्रशिक्षण

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और जागरूकता बढ़ाने के के लिए शुक्रवार को जीएमडीए द्वारा सेंट्रल पार्क सोसायटी में एक माक ड्रिल होगी। इसमें विभिन्न सोसायटियों के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। ड्रिल के दौरान विशेषज्ञ यह बताएंगे कि हार्वेस्टिंग पिट और अन्य संरचनाओं की जांच कैसे की जाए, किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए तथा समय-समय पर उनकी सफाई और मरम्मत कैसे सुनिश्चित की जाए।

मिट्टी से ढक दिया रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीएम को भेजी शिकायत

सेक्ट 45 निवासी डा. मदन शर्मा ने बताया कि सेक्टर में एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग को खोदाई के दौरान मिट्टी से ढक दिया गया है। नगर निगम अधिकारियों के से शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। अब इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भेजी गई है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच के लिए माक ड्रिल की जा रही है। इसमें आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है ताकि वे अपनी-अपनी सोसायटियों में इसी प्रकार सिस्टम की जांच कर उसकी कार्यक्षमता सुनिश्चित कर सकें। वर्षा जल संरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जहां पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बंद पाए गए, उन सोसायटी प्रबंधन कार्रवाई की जाएगी।
-आरएस बाठ, डीटीपी जीएमडीए।

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