
गुरुग्राम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सटे हरियाणा के मेवात इलाके के कुछ ट्रक एवं डंपर चालक सुधरने को तैयार नहीं। चालान किए जाने का भी उनके ऊपर फर्क नहीं पड़ रहा है। इसे देखते हुए चालकों सहित उनके गांवों की पहचान की जाएगी।
पहचान के बाद गांवों के मौजिज लोगों से संवाद किया जाएगा। उनसे कहा जाएगा कि वे अपने-अपने गांवों से संबंधित चालकों को समझाएं अन्यथा चालान करने के साथ ही वाहन भी जब्त किए जाएंगे। मौजिज लोगों से संवाद इसलिए किया जाएगा ताकि आगे से सख्त कार्रवाई करने के बाद वे किसी के बचाव में आगे न आएं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसका वडोदरा तक का भाग तैयार हो चुका है। तैयार हिस्से का सबसे खतरनाक हरियाणा के मेवात इलाके से गुजर रहा भाग बनता जा रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप से संचालित ढाबों को तोड़ने के बाद भी हादसों के ऊपर लगाम नहीं लग पा रही है।
इसके पीछे मुख्य कारण है आसपास के गांवों के रहने वाले चालकों द्वारा एक्सप्रेसवे के ऊपर ही किनारे वाहनों को खड़ा करना। वाहनों को खड़ा कर घंटों सभी गायब हो जाते हैं। एक्सप्रेसवे पर अधिकतर वाहनों की स्पीड 120 या इससे ऊपर रहती है। ऐसे में थोड़ी सी भी चूक होने पर पीछे से आ रहे वाहन एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहन में टकरा जाते हैं। पिछले सप्ताह भी ऐसा ही हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। पीछे से आ रही कार एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहन से टकरा गई थी।
इसे देखते हुए नूंह जिला प्रशासन नहीं सुधर रहे चालकों एवं उनके गांवों की पहचान करेगा। एक सप्ताह के भीतर सभी की पहचान की जाएगी। इसके बाद गांवों के मौजिज लोगों के साथ संवाद किया जाएगा। उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा जाएगा कि वे चालकों को समझाएं। उनकी लापरवाही से हादसों के ऊपर लगाम नहीं लग पा रही है। ऐसे में केवल चालान नहीं किया जाएगा बल्कि वाहन भी जब्त किए जाएंगे।
24 घंटे एक्सप्रेसवे पर पुलिस का पहरा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से अक्सर निकलने वाले लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस की सक्रियता बढ़ी है लेकिन इससे काम नहीं चलेगा। 24 घंटे खासकर रात 10 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक अधिक सक्रियता दिखानी होगी। जगह-जगह एक्सप्रेसवे के किनारे वाहन खड़े रहते हैं।
मेवात के इलाके के काफी लोग ट्रक एवं डंपर चलाते हैं। वे वाहन एक्सप्रेसवे के ऊपर ही किनारे वाहन खड़े करके घर चले जाते हैं। सेक्टर-56 निवासी जयभगवान सिंह कहते हैं कि उनका जयपुर अक्सर जाना-आना रहता है। पुलिस की सक्रियता से ही लगाम लगेगी।
इसके अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है। बता दें कि फरवरी 2023 से लेकर इस साल मई तक केवल हरियाणा भाग में ही 1750 से अधिक हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में जहां 1100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं वहीं 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
अवैध पार्किंग को लेकर इस साल चालान
- महीना : चालान
- जनवरी : 300
- फरवरी : 89
- मार्च : 174
- अप्रैल : 163
- मई : 176
“हादसों पर नियंत्रण पाने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। नूंह जिला प्रशासन का बेहतर सहयोग मिल रहा है। नूंह जिला प्रशासन ऐसे गांवों की पहचान करेगा, जिन गांवों के चालक एक्सप्रेसवे के ऊपर किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। यह भी शिकायत है कि कहीं-कहीं पर फिर से अवैध ढाबे बनाने का प्रयास लोग कर रहे हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।”
-पीके कौशिक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

