
गुरुग्राम। पटौदी थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर गांव घीलनावास की कृषि भूमि के बंटवारे से जुड़े मामले में पटौदी की पूर्व तहसीलदार रीटा ग्रोवर समेत 11 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। रीटा ग्रोवर वर्तमान में तावडू में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। आरोप है कि 2017 में जिन महिला का निधन हो गया था, उन्हें 2024 में जीवित दिखाकर गलत तरीके से जमीन का बंटवारा किया गया।
गांव घीलनावास निवासी शिकायतकर्ता रोहित शर्मा ने आरोप लगाया है कि भूमि बंटवारे की प्रक्रिया में दस्तावेजों में कथित अनियमितताएं कर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र तथा पद के दुरुपयोग के माध्यम से बंटवारा किया गया। शिकायत के अनुसार, गांव घीलनावास स्थित कृषि भूमि के बंटवारे संबंधी मामले में कुछ व्यक्तियों को कथित रूप से गलत तरीके से हिस्सेदार दर्शाया गया।
बिना आवश्यक अनुमति के भूमि का बंटवारा किया गया
तकसीम संबंधी प्रकरण को पुरानी तारीख में दर्शाकर चलाया गया तथा कई दस्तावेजों और बयानों की तिथियों में भी विरोधाभास है। भूमि में हिस्सेदारी रखने वाली एक मृत महिला के नाम से कार्यवाही दिखाई गई। महिला का 2017 में निधन हो गया था, जबकि कागजों में उसे 2024 में भी जीवित दिखाया गया। उसके नाबालिग वारिस के हितों की अनदेखी करते हुए बिना आवश्यक अनुमति के भूमि का बंटवारा किया गया।
रोहित शर्मा ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्तियों तथा राजस्व अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग भी की है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दीपक जागलान की अदालत के आदेश के बाद मामले की जांच की गई। प्रथम दृष्टया विभिन्न धाराओं में मामला बनता पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार समेत इनको बनाया गया है आरोपित
पटौदी की पूर्व तहसीलदार रीटा ग्रोवर, पटौदी तहसीलदार की रीडर संगीता के अलावा घीलनावास गांव निवासी मनोज कुमार, निशांत, ज्ञानचंद, अमन कुमार, जयभगवान एवं आनंद, खोड़ निवासी श्योराई देवी एवं अजीत सिंह तथा गोरियावास गांव निवासी रेखा को आरोपित बनाया गया है।

