
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम ने घर खरीदारों को सलाह दी है कि वे किसी भी फ्लैट, प्लॉट या अन्य संपत्ति की खरीद केवल हरेरा में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) रियल एस्टेट एजेंट के माध्यम से ही करें।
इससे संपत्ति का सौदा पारदर्शी, सुरक्षित और कानून के अनुरूप रहेगा। साथ ही भविष्य में किसी तरह का विवाद होने पर खरीदारों को रेरा कानून के तहत राहत और कानूनी सुरक्षा भी मिल सकेगी।
कैसे पता करें एजेंट रजिस्टर्ड या नहीं?
हरेरा ने जारी एडवाइजरी में कहा कि रियल एस्टेट एक्ट 2016 के अनुसार बिना रेरा पंजीकरण के कोई भी व्यक्ति किसी रजिस्टर्ड रियल एस्टेट परियोजना में संपत्ति की खरीद-बिक्री में एजेंट के रूप में काम नहीं कर सकता। प्राधिकरण ने संभावित खरीदारों से कहा है कि निवेश करने से पहले रेरा गुरुग्राम की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रियल एस्टेट एजेंटों से संबंधित दिशा-निर्देश और जानकारी जरूर देखें।
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जिस एजेंट के माध्यम से संपत्ति खरीदी जा रही है, वह रेरा में पंजीकृत है। हरेरा के अनुसार, रियल एस्टेट एजेंट में प्रॉपर्टी डीलर, ब्रोकर, कंसल्टेंट या कोई भी ऐसा व्यक्ति शामिल है, जो कमीशन, फीस या किसी अन्य भुगतान के बदले खरीदार और विक्रेता के बीच सौदा करवाता है या दोनों पक्षों को मिलवाता है।
एजेंट रजिस्ट्रेशन को लेकर क्या है नियम?
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना रेरा पंजीकरण के कोई भी व्यक्ति रेरा के दायरे में आने वाली परियोजनाओं की संपत्तियों का विज्ञापन, मार्केटिंग, बिक्री या खरीद-बिक्री से जुड़ी गतिविधियां नहीं कर सकता। हरेरा के अनुसार अधिनियम की धारा-9 के तहत प्रत्येक रियल एस्टेट एजेंट के लिए संबंधित रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
कहां दर्ज करा सकते हैं शिकायत?
इस व्यवस्था का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, एजेंटों की जवाबदेही तय करना और घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है। यदि भविष्य में किसी सौदे को लेकर विवाद होता है तो खरीदार हरेरा कानून के तहत अपनी शिकायत दर्ज कराकर न्याय प्राप्त कर सकते हैं।

