
गुरुग्राम। देश के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शर्मा ने आज यानी रविवार को गुरुग्राम में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत अन्य नेताओं ने उनका गुरुग्राम पर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया।

टावर ऑफ जस्टिस के लोकार्पण समारोह के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत शर्मा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस भव्य न्यायिक परिसर के निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों को सम्मानित किया।

इस समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा सहित कई न्यायाधीश मौजूद रहें।

टावर ऑफ जस्टिस में कुल 56 न्यायालय, अत्याधुनिक न्यायिक सेवा केंद्र, सम्मेलन कक्ष, वादकारियों के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र, महिला एवं पुरुष लॉक-अप, सर्वर एवं सीसीटीवी कक्ष, क्रेच और मातृ एवं शिशु देखभाल कक्ष जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
इसके अतिरिक्त परिसर में अलग से एस्केलेटर ब्लाक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सीसीटीवी नेटवर्क, लैन सिस्टम और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है, जिससे न्यायिक कार्यवाही अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बन सकेगी।

530 वाहनों की पार्किंग क्षमता
बताया कि परिसर में 530 वाहनों की पार्किंग क्षमता (130 मुख्य भवन एवं 400 मल्टीलेवल बेसमेंट पार्किंग), अधिवक्ताओं के लिए बार रूम, बार लाइब्रेरी, कैंटीन, सार्वजनिक भोजनालय, जजों के लिए डाइनिंग एरिया, जिम, कॉपीिंग एजेंसी और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उपायुक्त उत्तम सिंह का कहना है कि यह न्यायिक परिसर केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक सुगम, व्यवस्थित और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। न केवल हरियाणा की न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि गुरुग्राम को देश के सबसे आधुनिक न्यायिक परिसरों वाले शहरों में भी स्थापित करेगा।

