
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन अंतिम दौर में पहुंचता दिख रहा है।
इसी कड़ी में मंगलवार को मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के शीर्ष नेता पूर्व सीएम नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इससे पूर्व नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।
इसके बाद नीतीश के सरकारी आवास पर करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में विधान परिषद चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
माना जा रहा है कि जदयू नेतृत्व जल्द ही अपने अधिकृत उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकता है।
नीतीश आवास पर जुटे पार्टी के बड़े चेहरे
सूत्रों के अनुसार 7, सर्कुलर रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक खत्म होने के बाद नेता एक-एक कर बाहर निकले, लेकिन किसी ने भी मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया नहीं दी। नेताओं की चुप्पी से उम्मीदवारों के नाम को लेकर सस्पेंस और गहरा गया है।

(नीतीश कुमार के आवास पहुंचे संजय झा।)
सामाजिक और जातीय संतुलन पर विशेष फोकस
पार्टी सूत्रों की मानें तो जदयू उम्मीदवार चयन में सामाजिक, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
जदयू ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहती है जिनकी संगठन में स्वीकार्यता हो, जिनकी छवि विवादों से दूर हो और जो एनडीए के व्यापक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने में सहायक साबित हों।
सूत्र बताते हैं कि पिछड़ा, अति पिछड़ा, महिला, दलित और सवर्ण वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर भी गहन मंथन किया गया है।
अंतिम फैसला नीतीश कुमार के हाथ में
जदयू में उम्मीदवार चयन की अंतिम मुहर हमेशा शीर्ष नेतृत्व की सहमति से लगती रही है। इस बार भी अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि संभावित नामों पर व्यापक सहमति बन चुकी है और अब औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
एनडीए और महागठबंधन दोनों की नजर
विधान परिषद चुनाव को लेकर सिर्फ जदयू ही नहीं, बल्कि भाजपा और विपक्षी महागठबंधन भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है।
ऐसे में जदयू किन चेहरों पर भरोसा जताती है, यह आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की राजनीतिक प्राथमिकताओं और सामाजिक संदेश का संकेत माना जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवार चयन के जरिए जदयू आगामी चुनावी समीकरणों की झलक भी दिखा सकती है। यही कारण है कि पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में इस बैठक की चर्चा बनी हुई है।
अब सबकी निगाहें जदयू नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पार्टी उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है, जिससे बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो जाएगी।

