पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण! DLF में लगे 50 से अधिक DG सेट की वैधता पर उठे सवाल

नया गुरुग्राम। डीएलएफ फेज एक से चार में ग्रीन बेल्ट, पार्कों, सड़क किनारे सार्वजनिक स्थानों और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्रों में लगाए गए 50 से अधिक डीजल जेनरेटर (डीजी) सेट अब जांच के घेरे में आ गए हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के डीटीपीई ने इन जेनरेटरों की वैधता और आवश्यक अनुमतियों की जांच शुरू कर दी है।

विभाग की एन्फोर्समेंट शाखा द्वारा हाल ही में डीएलएफ फेज-1, 2, 3 और 4 में किए गए सर्वेक्षण के दौरान कई बड़े क्षमता वाले डीजी सेट सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित पाए गए। इसके बाद विभाग ने यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की है कि इन जेनरेटरों को लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों से आवश्यक मंजूरियां ली गई थीं या नहीं।

सर्वेक्षण में डीएलएफ फेज-1 में शहतूत मार्ग-4 ग्रीन बेल्ट, बी-18/10 ग्रीन बेल्ट, बी-21 रोड एंड, सी-15 रोड पार्क, सी-6 रोड पार्क, माउंट ओलंपस स्कूल के समीप डी-ब्क ग्रीन बेल्ट, डी-ब्लॉक वाटर टैंक क्षेत्र, कचनार मार्ग एवं जी-रोड टी-प्वाइंट ग्रीन बेल्ट, कचनार मार्ग एवं सिल्वर ओक्स एवेन्यू टी-प्वाइंट ग्रीन बेल्ट तथा कचनार मार्ग स्थित गेट नंबर-1 ग्रीन बेल्ट में डीजल जेनरेटर स्थापित पाए गए।

डीएलएफ फेज-2 के मध्य मार्ग, पूर्वी मार्ग, एल-ब्लॉक, के-10 रोड, के-7 रोड और विभिन्न पार्कों के आसपास कई डीजी सेट मिले। वहीं फेज-3 में यू-ब्लाक, वी-ब्लाक, बूस्टर पंप क्षेत्र और फेज-4 में गार्डन विला रोड, रोड नंबर-4500, बिजली सब-स्टेशन नंबर-7 और कई ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में जेनरेटर स्थापित पाए गए।

यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित एक जनहित याचिका के तहत पहले चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद शुरू की गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर लगे जेनरेटरों के संबंध में मंजूरियों और एनओसी की जानकारी मांगी थी।

इसके बाद जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन (डीटीपीई) अमित मधोलिया ने डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी कर सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आरडब्ल्यूए ने भी आवासीय सोसायटियों, संस्थानों, ब्लाक आरडब्ल्यूए और जेनरेटर संचालकों से 15 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने को कहा है।

विभाग ने प्लानिंग मंजूरी, भूमि उपयोग अनुमति, अग्निशमन विभाग की एनओसी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति तथा डीएचबीवीएन अथवा अन्य सक्षम विद्युत प्राधिकरणों की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।

सर्वेक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों, ग्रीन बेल्ट और पार्कों में स्थापित डीजल जेनरेटरों की पहचान की गई है। संबंधित पक्षों से सभी वैध अनुमतियां और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि संतोषजनक जवाब या आवश्यक स्वीकृतियां नहीं मिलीं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग

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