
अल्मोड़ा। पेन किलर दवाओं का बिना चिकित्सकीय सलाह लगातार सेवन करना रानीखेत निवासी एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। दवाओं के अधिक और गलत इस्तेमाल से उनके आमाशय (पेट) में छेद हो गया। गंभीर हालत में उन्हें बेस अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने सफल सर्जरी कर उनकी जान बचाई। मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय पूरन सिंह पिछले 2-3 दिनों से लगातार पेट दर्द से परेशान थे। उन्होंने बिना डाक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाइयों का सेवन किया। इससे उन्हें गंभीर गैस्ट्राइटिस हो गया और बाद में आमाशय में छेद (गैस्ट्रिक परफोरेशन) बन गया।
आमाशय में हो गया छेद
हालत बिगड़ने पर स्वजन उन्हें रानीखेत उप जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पहुंचकर अस्पताल में जांच पर आमाशय में छेद की पुष्टि हुई । इसके बाद सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल करीब दो घंटे की सफल सर्जरी के जरिए मरीज की जान बचाई। जटिल सर्जरी को सर्जरी विभाग के डा निशांत बिष्ट, डा अवनीश कुमार सिंह, डा शिवांशु सिंह जौली, डा शिवानी और आशीष कुमार सिंह की टीम शामिल रहे।
सर्जरी विभाग के डा निशांत बिष्ट ने बताया कि लंबे समय तक दर्द निवारक दवाइयों का सेवन पेट में अल्सर, गैस्ट्राइटिस और आमाशय में छेद जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।

