
बालेश्वर। मिसाइल की दुनिया में पूरे विश्व में एक नई पहचान बन चुका भारत इसी महीने के 6 मई 2026 से लेकर 9 मई 2026 के बीच एक लंबी दूरी की अत्याधुनिक मिसाइल के परीक्षण करने की सूचना मिली है।
इसके लिए बंगाल की खाड़ी में 3600 किलोमीटर इलाके में इन तीन दिनों के लिए विधिवत नोटम जारी किया गया है। लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण संभवतः अब्दुल कलाम द्वीप से किया जाएगा।
सूत्रों की माने तो इस परीक्षण की सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। यहां बताना उचित होगा कि ओडिशा के बालेश्वर जिला में चांदीपुर नामक स्थान पर आई टी आर का एल सी 1, एल सी 2 और एल सी 3 नामक परीक्षण स्थल मौजूद हैं।
इसी तरह भद्रक जिले के धामरा नामक स्थान पर मौजूद अब्दुल कलाम द्वीप में एल सी 4 नामक परीक्षण स्थल मौजूद है। पहले भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी आर डी ओ) सभी “क्रूज़ और बैलिस्टिक” सीरीज की मिसाइलों का परीक्षण चांदीपुर परीक्षण रेंज से किया करता था।
इसमें छोटे, मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हुआ करती थी, लेकिन विभिन्न कारणों के चलते अब मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण चांदीपुर परीक्षण स्थल के बजाय अब्दुल कलाम द्वीप से किया जाता है। ये दोनों परीक्षण स्थल बालेश्वर स्थित अंतरिम परीक्षण परिषद (ITR) के अंतर्गत आते है।
दुनिया में बढ़ी भारतीय हथियारों की डिमांड
आज विश्व के कई देश भारत से भारतीय मिसाइलों की टेक्नोलॉजी खरीदने की इच्छा जाहिर कर चुके है तो कई देश भारतीय मिसाइलों को खरीदने के लिए भारत सरकार से संपर्क में है। इसी से पता चलता है कि विश्व के मानचित्र पर मिसाइल के क्षेत्र में आज भारत अपने आप को लोहा साबित कर चुका है।
सुबह हो या शाम, दिन हो या रात , धूप हो या छांव , ठंड हो या बारिश भारतीय मिसाइलों का भारत सफलतापूर्वक ओडिशा के तट पर मौजूद इन दोनों परीक्षण स्थल से सफलतापूर्वक परीक्षण कर चुका है।
विभिन्न कारणों से भारत सरकार की ओर से किस दिन, कितने बजे, कौनसी मिसाइल का परीक्षण करेगा इसे काफी गुप्त रखा जाता है। परीक्षण के बाद ही भारत सरकार या फिर रक्षा मंत्रालय की ओर से परीक्षण किए गए मिसाइल की सूचना प्रदान की जाती है।
अभी पूरा खुलासा नहीं
इसी महीने के 6 मई से 9 मई के बीच को कौनसी लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा, इसका कोई खुलासा नहीं किया गया है। क्या किसी नए मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा या फिर पुराने मिसाइलों का आधुनिकरण कर परीक्षण किया जाएगा
इस बात का पता नहीं चल सका है। आज यह बात सारा विश्व जान चुका है कि वह दिन दूर नहीं जब भारत पूरे विश्व में मिसाइल की दुनिया का बादशाह कहलाएगा।

