
नई दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध के बीच अभिनेता-राजनेता विजय को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिल गया है। डीएमके, वीसीके, एमएनएम और सीपीआई जैसे दलों ने राज्यपाल आरवी अर्लेकर के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे जनादेश का अपमान बताया है।
दरअसल, विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया। हालांकि, 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। कांग्रेस के समर्थन के बाद भी TVK के पास फिलहाल 113 विधायक हैं, यानी बहुमत से 5 सीटें कम।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय से सरकार बनाने से पहले बहुमत साबित करने को कहा है। वहीं विजय और उनके समर्थक दलों का कहना है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद विधानसभा के पटल पर बहुमत परीक्षण कराया जाना चाहिए।
कमल हासन बोले- जनादेश का अपमान
विजय के समर्थन में सबसे पहले अभिनेता और एमएनएम प्रमुख कमल हासन सामने आए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका न देना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम ने 108 सीटें जीती हैं। विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करना तमिलनाडु की जनता के जनादेश का अपमान होगा। 233 निर्वाचित सदस्य अब तक शपथ नहीं ले पाए हैं। यह राज्य और लोकतंत्र दोनों का अपमान है।’
उन्होंने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन की ‘जिम्मेदार विपक्ष’ वाली टिप्पणी की भी सराहना की और कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
VCK और CPI ने भी उठाए सवाल
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने राज्यपाल की मांग को ‘स्वीकार्य नहीं’ बताया। उन्होंने कहा कि विजय को राजभवन में नहीं, बल्कि विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
सीपीआई के तमिलनाडु सचिव एम. वीरापांडियन ने भी कहा कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, लेकिन TVK सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए संवैधानिक परंपरा के तहत उसे सरकार बनाने का अवसर दिया जाना चाहिए।
DMK ने भी किया समर्थन
डीएमके नेता ए. सरवनन ने कहा कि जब किसी पूर्व-चुनावी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है और किसी अन्य दल ने सरकार बनाने का दावा भी पेश नहीं किया है, तब सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि TVK ने 113 विधायकों के समर्थन का दावा राज्यपाल के सामने रखा है। ऐसे में उन्हें सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
बीजेपी नेता नारायणन तिरुपति ने कहा कि यह ‘खंडित जनादेश’ है और TVK को पहले बहुमत साबित करना होगा। अगर विजय बहुमत साबित कर देते हैं तो राज्यपाल निश्चित रूप से स्वीकार करेंगे। जो संवैधानिक रूप से उचित होगा, वही होगा।
छोटे दलों के समर्थन पर टिकी नजर
सूत्रों के अनुसार, विजय गुरुवार सुबह राज्यपाल से मिले थे। TVK का दावा है कि उसे वामदलों और कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन मिल सकता है। पार्टी विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार होने की बात कह रही है।
हालांकि, राजनीतिक समीकरण आसान नहीं दिख रहे। वीसीके अभी डीएमके गठबंधन का हिस्सा है, जबकि पीएमके बीजेपी के साथ रही है। ऐसे में किसी भी पोस्ट-पोल गठबंधन में अंदरूनी विरोधाभास बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

