हरियाणा के कैथल में 15 एकड़ में जलाए फसल अवशेष, अब किसानों पर होगी कार्रवाई; प्रदूषण बोर्ड की टीम सक्रिय

 कैथल। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी कुछ किसान फसल अवशेषों में आग लगा रहे हैं। बुधवार को शाम के समय गांव बरोट में करीब 15 एकड़ में धान के अवशेष जलाए हुए थे। आगजनी करने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कृषि विभाग को लिख दिया गया है।

पत्र में लिखा गया है कि आगजनी करने वाले किसानों पर केस दर्ज करवाया जाए, उन्हें जुर्माना लगाया जाए और उनकी रेड एंट्री भी की जाए। प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें सक्रिय हो चुकी हैं। प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीन कुमार के निर्देश पर एसडीओ डा. सतीश कुमार, हरप्रीत सिंह, मंदीप पठानिया और शशि प्रकार की टीमें जिले भर में निरीक्षण कर रही हैं।

देर शाम के समय प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ हरप्रीत सिंह की टीम ढांड एरिया में मौजूद थी। तभी टीम गांव बरोट में पहुंची तो वहां किसानों ने फसल अवशेषों में आग लगाई हुई थी। किसान ऐसे समय में आग लगाते हैं कि कृषि विभाग की सैटेलाइट में भी आगजनी ना आए और अधिकारी भी कार्यालय से घर जा चुके हैं। टीम ने मौके पर ही दमकल विभाग की गाड़ियों काे बुलाया और डायल 112 की टीम को भी बुला लिया गया था।

दो घंटे के बाद बुझी आग

दमकल विभाग के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। शाम के समय देर आंधी भी आई थी और अगर ऐसे में आग पर काबू ना पाया जाता तो आग ज्यादा भड़क भी सकती थी। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि करीब 15 एकड़ में अवशेष जलाए गए थे।

उन खेतों के मालिक किसानों को भी मौके पर बुला लिया गया था। हालांकि बोर्ड की टीम ने किसानों को समस्या कि अवशेष में आगजनी के क्या-क्या नुकसान होते हैं। बता दें कि गेहूं का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ज्यादातर गेहूं कंबाइन की सहायता से काटी जाती है और इसके बाद खेतों में गेहूं के अवशेष रह जाते हैं। कुछ किसान इन अवशेषों में आग लगा रहे हैं।

सामने आ चुकी हैं 207 लोकेशन

गेहूं के सीजन में आगजनी की करीब 207 लोकेशन सामने आ चुकी हैं। हालांकि कृषि विभाग की तरफ से इस बार एक भी किसान पर केस दर्ज नहीं करवाया गया है और ना ही किसी किसान को जुर्माना लगाया है। इन आगजनी को लेकर विभाग का तर्क है कि यह आग अचानक से लगी हैं और किसानों की तरफ से आगजनी नहीं की गई थी।

बता दें कि सीजन के दौरान हर बार विभाग की तरफ से किसानों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस बार कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फसल अवशेष में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं।

सीजन में किसानों को अवशेष न जलाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके बाद भी कुछ किसान अवशेष जला देते हैं, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। फसल अवशेष जलाने से जमीन की उर्वरा शक्ति भी कमजोर होती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top