
ग्वालियर। मुरैना कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने अधिकारियों को भी कुछ पल के लिए निरुत्तर कर दिया। छठवीं कक्षा में पढ़ने वाले नौ वर्षीय छात्र मानवेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत सुनाने के साथ जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव की टेबल पर चार टॉफियां रख दीं और मासूमियत भरे अंदाज में कहा- ‘सर, अगर ले-देकर ही काम होता है तो ये टॉफियां रख लीजिए, लेकिन हमारी समस्या का समाधान करवा दीजिए।’
बच्चे की यह बात सुनते ही जनसुनवाई कक्ष में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। दरअसल, मानवेंद्र पिछले दो महीने से अपनी कॉलोनी में फैली गंदगी और सीवर के पानी से परेशान है।
स्कूल जाना तक हो गया मुश्किल
संजय कॉलोनी निवासी मानवेंद्र ने बताया कि पंडित चक्की के पास एक पड़ोसी द्वारा कराए गए बोरिंग कार्य के दौरान सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से गंदा पानी पूरी गली में भर रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चों का स्कूल जाना भी दूभर हो चुका है।
मानवेंद्र ने अधिकारियों को बताया कि वह इससे पहले भी पांच मई की जनसुनवाई में शिकायत लेकर आया था। तब नगर निगम की टीम भेजने का आश्वासन मिला था, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
मासूम की बात सुन तुरंत हरकत में आया प्रशासन
जब बच्चे ने टॉफियां देते हुए दोबारा “ले-देकर काम कर दीजिए” कहा, तो जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव भी भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल नगर निगम अधिकारियों को फोन लगाकर समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। मासूम बच्चे का यह अनोखा विरोध अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

