
बहराइच। जिला कारागार की सुरक्षा में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कैदियों से मिलने के लिए चेहरे का सत्यापन (फेस वेरिफिकेशन) और बायोमेट्रिक प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है। बिना चेहरा पहचाने और अंगूठा लगाए जेल में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह प्रक्रिया मिलने आने और वापस लौटते समय दोनों अवसरों पर लागू होगी।
जिला कारागार में 590 महिला व पुरुष बंदी निरुद्ध हैं। इन बंदियों से मिलने के लिए परिवारजन के साथ हित-मित्र भी आते हैं। कारागार में अब तक मुलाकात के लिए आनलाइन आवेदन के बाद रजिस्टर में एंट्री होती थी और मुलाकाती के हाथ पर जेल की मुहर लगाई जाती थी।
बाहर निकलते समय उसी मुहर से पहचान की जाती थी। अब पुरानी व्यवस्था से लोगों को छुटकारा मिलेगा। नई प्रणाली के तहत पहले की तरह आनलाइन आवेदन आधार कार्ड से करना होगा। अपाइंटमेंट मिलने के बाद मुलाकाती को टैबलेट से फेस वेरिफिकेशन कराना होगा।
इसके बाद बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। मशीन में मिलने और बाहर निकलने का समय अपने-आप दर्ज हो जाएगा। अब कैदियों की हाजिरी भी प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन से लगाई जाएगी। इसके लिए जेल परिसर में दो बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी। एक मुख्य द्वार पर (बाहर से आने वालों के सत्यापन के लिए) और दूसरी अंदर (बंदियों की हाजिरी के लिए) लगाई जाएगी।

