
गुरुग्राम। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र द्वारा विभिन्न देशों के सिविल सेवकों के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) विषय पर एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में, भूटान, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, फिलिस्तीन, नाइजीरिया एवं नाइजर सहित विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 40 सिविल सेवकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की योजना निर्माण, क्रियान्वयन, संचालन एवं अनुरक्षण से संबंधित पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने हेतु गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) कार्यालय का भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान जीएमआरएल के अधिकारियों द्वारा गुरुग्राम मेट्रो परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें परियोजना की परिकल्पना, योजना एवं क्रियान्वयन रणनीति, तकनीकी विशेषताएं, वित्तीय ढांचा, कार्यान्वयन दृष्टिकोण तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की गई।
प्रतिनिधिमंडल को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जीएमआरएल द्वारा अपनाई गई संस्थागत व्यवस्थाओं, विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय तंत्र, हितधारकों की सहभागिता तथा निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुपालन के संबंध में भी अवगत कराया गया। यह संवादात्मक सत्र प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान-विनिमय मंच सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें शहरी परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम प्रक्रियाओं एवं सार्वजनिक-निजी भागीदारी के व्यावहारिक पहलुओं की गहन समझ प्राप्त हुई।
इससे पहले प्रतिनिधिमंडल का स्वागत जीएमआरएल के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा किया गया, जिनमें रजत वर्मा, निदेशक (वित्त), एसआर सांगवा, निदेशक (परियोजनाएं एवं योजना) तथा राजेश चतुर्वेदी, निदेशक (रोलिंग स्टाक एवं विद्युत) शामिल थे।इससे पहले प्रतिनिधिमंडल का स्वागत जीएमआरएल के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा किया गया, जिनमें रजत वर्मा, निदेशक (वित्त), एसआर सांगवा, निदेशक (परियोजनाएं एवं योजना) तथा राजेश चतुर्वेदी, निदेशक (रोलिंग स्टाक एवं विद्युत) शामिल थे।

