
भोपाल। प्रदेश में आयोग, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्ति के बाद अब सरकार ने जिला स्तर पर समितियों में नियुक्तियों का रास्ता खोल दिया है। 31 विभागों की 50 से अधिक समितियों में अशासकीय व्यक्तियों की नियुक्ति की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिन में प्रक्रिया पूरी करें। जिन समितियों में निर्णय राज्य स्तर से लिया जाना है उसके प्रस्ताव बनाकर भेजे जाएं ताकि समितियां क्रियाशील हों। समितियों में जिला योजना से लेकर राशन दुकानों की निगरानी समिति तक शामिल है। जिला पुलिस शिकायत बोर्ड भी बनेगा और दीनदयाल अंत्योदय समितियां भी गठित होंगी।
हर जिले में बढ़ेगी भागीदारी
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए पंचायत और जिला स्तर पर दीनदयाल अंत्योदय समितियां बनाई जाएंगी। पंचायत स्तरीय समिति में पांच से लेकर 11 तक सदस्य होंगे, जबकि जिला समिति में 25 से 30 सदस्य रखे जाएंगे। इस प्रकार देखा जाए तो लगभग ढाई लाख अशासकीय व्यक्तियों को सरकारी व्यवस्था में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा। जिला योजना समिति में भी 25 से अधिक सदस्य रहेंगे।
इन समितियों में होंगी नियुक्तियां
केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समिति के साथ रोगी कल्याण समिति, विद्युत सलाहकार, टीबी फोरम, बाल संरक्षण, जिला मूल्यांकन, युवा ग्राम शक्ति, वाटरशेड, प्रधानमंत्री आवास योजना की अपीलीय समिति, गोशाला परियोजना समन्वय, कौशल विकास, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण सतर्कता एवं निगरानी, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, कृषि सिंचाई योजना, बस्ती विकास, लघु उद्योग संवर्धन, मुख्यमंत्री कन्यादान, जल एवं स्वच्छता, खनिज निधि सहित अन्य समितियों में नियुक्तियां होंगी।
जिला पुलिस शिकायत बोर्ड बनेगा
जिलों में हिरासत में यातना, कस्टडी में मौत, दुष्कर्म, गंभीर चोट, अवैध गिरफ्तारी या जबरन वसूली के पुलिसकर्मियों के ऊपर लगने वाले आरोपों की जांच करने के लिए जिला पुलिस शिकायत बोर्ड बनेंगे। यह बोर्ड पीड़ित या किसी भी नागरिक की शिकायत पर या स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिसकर्मी के विरुद्ध जांच प्रारंभ सकेगा। यह उप पुलिस अधीक्षक से नीचे की श्रेणी के पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध शिकायतों की जांच करेगा। इसमें दोषी पाए जाने पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश सरकार को की जाएगी।

