NCR में डकैती-लूट करने वाले बांग्लादेशी गिरोह को गुरुग्राम पुलिस ने दबोचा, अंडरपास में कूदकर भाग रहे थे आरोपी

 गुरुग्राम। बंगाल के रास्ते अवैध घुसपैठ कर एनसीआर के इलाकों में लूटपाट, डकैती, चोरी समेत अन्य वारदातों को एक बांग्लादेशी गिरोह अंजाम दे रहा था। इसी गिरोह ने चार जून की रात गुरुग्राम के पालम विहार इलाके में सेवानिवृत्त कर्नल के परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती डाली थी। गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार रात बजघेड़ा से गिरोह के चार आरोपितों को पकड़ लिया।

सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर व अन्य तकनीकी जांच के आधार पुलिस पहुंची थी। पुलिस को देखकर सभी बजघेड़ा अंडरपास में कूद गए, जिससे ये घायल हो गए।

सेक्टर 23 में रहने वाले पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल सीएल जैन के घर में चार जून की रात लगभग दो बजे चार हथियारबंद बदमाश घुसे थे। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे से छेड़छाड़ की थी और पहली मंजिल की खिड़की की लोहे की ग्रिल काटकर सभी अंदर आए थे। परिवार को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देकर हजारों की नकदी समेत करीब नौ लाख रुपये के सोने और हीरे के गहने लेकर फरार हो गए थे।

आरोपियों की तलाश जारी

एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि पालम विहार क्राइम ब्रांच व अन्य टीमें आरोपितों की तलाश में जुटी हुई थीं। तकनीकी जांच के आधार पर क्राइम टीम मंगलवार रात द्वारका रोड पर बजघेड़ा के पास पहुंची और आरोपितों को घेर लिया। पुलिस से बचने के लिए सभी आरोपित बजघेड़ा अंडरपास में करीब दस फीट की ऊंचाई से कूद गए। इसके बाद इन्हें चोटिल अवस्था में पकड़ लिया गया।

इनकी पहचान हिलाल, मोमो खान, खैरुल उर्फ अरमान और मो. मामन के रूप में की गई। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि ये सभी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और पिछले आठ-दस सालों से दिल्ली के संगम विहार वजीराबाद की झुग्गियों में रह रहे थे। हिलाल इस गिरोह का मुख्य सरगना है और यह दिल्ली समेत एनसीआर में लूटपाट, डकैती, चोरी समेत अन्य वारदातों को अंजाम देते थे।

तीन के पैर टूटे और एक का हाथ हुआ फ्रेक्चर

एसीपी ने बताया कि अंडरपास में ऊंचाई से कूदने के कारण खैरुल के दोनों पैरों में चोट आई। मामन व हिलाल के एक पैर में चोट आई है तथा मामो खान के एक हाथ में चोट आई। इनके पैर और हाथ फ्रेक्चर हुए हैं। फिलहाल इन सभी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इलाज के बाद इनसे इनके गिरोह के अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।

आठ सालों में कई वारदातों को दिया अंजाम, पकड़े भी गए

पुलिस जांच में पता चला कि हिलाल पर चोरी, शस्त्र अधिनियम, डकैती, लूटपाट सहित विभिन्न धाराओं के तहत 12 केस दिल्ली में दर्ज हैं। मामो खान पर चोरी करने के संबंध में एक केस दिल्ली में, मोहम्मद खैरुल पर चोरी, डकैती, गैंग्सटर एक्ट, हत्या करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत आठ केस हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में हैं। मामन पर चोरी, लूट, डकैती करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत तीन केस गुरुग्राम व दिल्ली में दर्ज हैं।

यह भी पता चला कि ये आरोपित आठ सालों से इस तरह की वारदातों में शामिल थे। पहले कई केस में पकड़े भी जा चुके हैं। हालांकि, बाद में जमानत पर बाहर आ गए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के लोग पहले रेकी करते थे तथा बड़ा मकान देखकर चोरी, लूट और डकैती की वारदात को अंजाम देते थे।

तीन-चार वारदात कर बांग्लादेश फरार हो जाते थे

एसीपी ने बताया कि फिलहाल यह पता चला है कि गिरोह के लोग तीन-चार वारदात के बाद बंगाल और बांग्लादेश फरार हो जाते थे। जब मामला ठंडा हो जाता था तब फिर दिल्ली में आकर वारदात को अंजाम देते थे। इस बार भी सभी बांग्लादेश भागने की फिराक में थे। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। साथ ही माल की बरामदगी भी की जाएगी।

इनके पास से कोई पहचान पत्र फिलहाल नहीं मिला है। लेकिन शक है कि इन्होंने फर्जी आधार कार्ड बंगाल या दिल्ली के पते पर बनवा रखे हैं। इसी आधार यह लोग रह रहे थे। पूछताछ में काफी कुछ जानकारी सामने आ सकती है।

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