
गुरुग्राम। गुरुग्राम में लगातार तीन दिनों से हो रही वर्षा ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ड्रेनेज व्यवस्था और रखरखाव की पोल खोल दी है। समय रहते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने कल्वर्ट की सफाई, सर्विस लेन का निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कर दी होती तो हाईवे पर जलभराव और कई किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं बनती।
सालाना करोड़ों रुपये टोल टैक्स देने के बावजूद यह हाईवे वाहन चालकों के लिए आफत बन गया है। मंगलवार को नरसिंहपुर के पास हाईवे का एक हिस्सा धंस गया था, जबकि बुधवार को भी बेस्टेक बिल्डिंग के सामने और खांडसा के पास सर्विस लेन पर जलभराव बना रहा।

नरसिंहपुर में हाईवे की सर्विस लेन पर कल्वर्ट की सफाई के लिए एनएचएआइ ने करीब एक वर्ष पहले गड्ढा खोदा था, लेकिन उसे अभी तक नहीं भरा गया।
एनसीआर के साथ राजस्थान की ओर जाने वाले वाहनों का भी रहता है दबाव
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एनसीआर के साथ राजस्थान की ओर जाने वाले वाहनों का भी भारी दबाव रहता है। वर्षा के बाद हीरो होंडा चौक से फ्लाईओवर तक करीब दस किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। वाहन घंटों रेंगते रहते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब दस वर्षों से हर मानसून में यही हालात बनते हैं, लेकिन एनएचएआइ स्थायी समाधान नहीं कर पाया।

मंगलवार को हुई तेज वर्षा के दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। आर्काइव
इस संबंध में एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक को फोन किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। जीएमडीए के एक्सईएन विक्रम का कहना है कि ट्रेंचलेस तकनीक से दो पाइप हाईवे के नीचे बिछाकर दोनों तरफ की ड्रेन को जोड़ा गया है, इसका फायदा वर्षा के दौरान मिलेगा।
कल्वर्ट और ड्रेनेज व्यवस्था फेल
हाईवे के नीचे बने पुराने कल्वर्ट की नियमित सफाई नहीं होने और ड्रेन की सफाई नहीं हाेने से वर्षा का पानी तेजी से नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप हाईवे और सर्विस लेन दोनों जगह जलभराव हो जाता है। यदि मानसून से पहले इनकी सफाई और रखरखाव किया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते।
जीएमडीए ने ड्रेनेज सुधारा, लेकिन अधूरे रहे दूसरे काम
जल निकासी सुधारने के लिए जीएमडीए ने ट्रेंचलेस तकनीक से हाईवे के नीचे दो पाइप बिछाकर दोनों तरफ की ड्रेनों को जोड़ा। इसके अलावा नरसिंहपुर और खांडसा के बीच 750 मीटर लंबी ड्रेन तैयार कर उसे बादशाहपुर ड्रेन से जोड़ दिया गया। इसके बावजूद एनएचएआइ की ओर से कल्वर्ट और सर्विस लेन की व्यवस्था दुरुस्त नहीं किए जाने से इसका पूरा लाभ नहीं मिल सका।
अधूरी सर्विस लेन से बढ़ रही जाम की समस्या
खेड़कीदौला टोल प्लाजा से गुरुग्राम की ओर सर्विस लेन निर्माण का कार्य मानसून के दौरान ही शुरू कर दिया गया। आरसीसी सर्विस लेन का काम भी लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण वाहन मुख्य कैरिजवे पर आ जाते हैं और जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है।

एक साल बाद भी नहीं भरा गया गड्ढा
नरसिंहपुर में हाईवे की सर्विस लेन पर कल्वर्ट की सफाई के लिए एनएचएआइ ने करीब एक वर्ष पहले गड्ढा खोदा था, लेकिन उसे अभी तक नहीं भरा गया। इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। खुले गड्ढे के कारण हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
आठ साल से हीरो होंडा फ्लाईओवर में छह बार हुए गड्ढे
वर्ष 2018 से अब तक हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर में छह बार गड्ढे हो चुके हैं। लगभग आठ साल बीतने के बावजूद गड्ढों की स्थायी मरम्मत नहीं की गई है और फ्लाईओवर की एक लेन बंद पड़ी है। हालात यह है कि फ्लाईओवर पर मिट्टी और गंदगी जमा हो चुकी है। फ्लाईओवर जर्जर होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर में गड्ढा होने के कारण एक लेन वाहनों के लिए पिछले कई वर्षों से बंद है। संजय गुलाटी
एक्सपर्ट व्यू : समाधान भी स्पष्ट, जरूरत सिर्फ अमल की
सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर प्रदीप कुमार का कहना है कि हाईवे के दोनों ओर सर्विस लेन का निर्माण जल्द पूरा किया जाए। ड्रेन के किनारे मजबूत बैरिकेडिंग या बाक्स टाइप ड्रेन बनाई जाए, खुली ड्रेनों पर जाली लगाई जाए ताकि उनमें कचरा न फेंका जा सके। साथ ही सर्विस लेन पर स्ट्रीट लाइटें लगाने और सभी कल्वर्ट की नियमित सफाई सुनिश्चित करने से हर वर्ष होने वाले जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

