
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कुकड़ोला गांव में अगले महीने से टोल प्लाजा का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस बारे में तैयारी शुरू करने का निर्देश केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को जारी कर दिया है। यहां 14 लेन का बूथलेस टोल प्लाजा बनाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आगे लेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। निर्माण पूरा होते ही खेड़कीदौला टोल प्लाजा को बंद कर दिया जाएगा।
लंबे समय से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खेड़कीदौला में संचालित टोल प्लाजा को बंद करने या इसे मानेसर से आगे जयपुर की तरफ स्थानांतरित करने की मांग चल रही है। मांग पूरी करने के लिए एनएचएआई पिछले दो साल से प्रयासरत है। अब जाकर सफलता मिलती दिखाई दे रही है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कुकड़ोला गांव में टोल प्लाजा बनाने पर सुरक्षा एजेंसियों से लेकर किसी भी विभाग को आपत्ति नहीं है। इसे देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनएचएआई से कहा है कि इस महीने के भीतर तैयारी पूरी कर अगले महीने से टोल प्लाजा का निर्माण शुरू कर दें।
कुछ महीनों में खेड़कीदौला टोल प्लाजा से छुटकारा
अब उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में खेड़कीदौला टोल प्लाजा से छुटकारा मिल जाएगा। एनएचएआई के अधिकारी का कहना है कि बजट की व्यवस्था हो गई है। बता दें कि पहले पचगांव चौक के नजदीक टोल प्लाजा बनाने का निर्णय लिया गया था। निर्णय के अनुसार काम भी शुरू कर दिया गया था।
आसपास के ग्रामीणों के विरोध के बाद सहरावन गांव में टोल प्लाजा बनाने की योजना बनाई गई। वहां पर जमीन को समतल करने का काम भी शुरू हो गया था, तभी सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से आपत्ति आ गई। एजेंसियों ने कहा कि टोल प्लाजा बनाने से सुरक्षा को खतरा पैदा हो जाएगा। इसके बाद कुकड़ोला गांव में टोल प्लाजा के लिए जगह चिह्नित की गई।
परेशान लोगों की मांग- जल्द हो टोल प्लाजा का निर्माण
खेड़कीदौला टोल प्लाजा से परेशान लोगों का कहना है कि जितनी जल्द हो गांव कुकड़ोला में टोल प्लाजा बनाया जाए। खेड़कीदौला टोल प्लाजा हटते ही गुरुग्राम एवं मानेसर में विकास की गति तेज हो जाएगी। आईएमटी मानेसर में संचालित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत इंजीनियर राजेश कुमार, नरेंद्र वर्मा एवं जयदीप सिंह कहते हैं कि वे लोग सुशांत लोक इलाके में रहते हैं।
अक्सर खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का दबाव झेलना पड़ता है। कई बार वापसी में देर हो जाती है। ऐसे में रात नौ बजे के बाद सभी लेन में वाहनों की लाइन लग जाती है। टोल प्लाजा पर ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए कंपनियों ने मानेसर के बजाय दिल्ली में कारोबारियों के साथ बैठक करनी शुरू कर दी है। टोल प्लाजा हटते ही तस्वीर बदल जाएगी।
24 घंटे दोनों तरफ ट्रैफिक का दबाव
आईएमटी मानेसर के साथ ही सेक्टर-37 औद्योगिक क्षेत्र, बसई औद्योगिक क्षेत्र, कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित कई इलाके को काफी लाभ होगा। बता दें कि खेड़कीदौला टोल प्लाजा से प्रतिदिन औसतन 75 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। इस हिसाब से टोल प्लाजा में कम से कम 40 लेन होनी चाहिए, लेकिन केवल 25 लेन हैं। दोनों तरफ इतनी जगह नहीं कि लेनों की संख्या बढ़ाई जा सके। इस कारण 24 घंटे दोनों तरफ ट्रैफिक का दबाव रहता है।

