
सोहना (गुरुग्राम)। जिस भवन की छत के नीचे भोंडसी की बेटियों का भविष्य सुरक्षित होना था, उसी भवन की छत निर्माण के दौरान ही भरभराकर गिर गई। सरकार ने छात्राओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 1.80 करोड़ रुपये मंजूर किए, लेकिन सवाल यह है कि यदि निर्माण की पहली परीक्षा में ही लेंटर फेल हो गया तो पूरी इमारत की मजबूती पर कैसे भरोसा किया जाए। शिक्षा विभाग ने ठेकेदार प्रवीण कुमार को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है।
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
घटना राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भोंडसी में निर्माणाधीन दो मंजिला नए भवन की है। यहां सोमवार को छत का एक हिस्सा भरभराकर अचानक गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मजदूर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंच गए और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
सोहना (गुरुग्राम)। जिस भवन की छत के नीचे भोंडसी की बेटियों का भविष्य सुरक्षित होना था, उसी भवन की छत निर्माण के दौरान ही भरभराकर गिर गई। सरकार ने छात्राओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 1.80 करोड़ रुपये मंजूर किए, लेकिन सवाल यह है कि यदि निर्माण की पहली परीक्षा में ही लेंटर फेल हो गया तो पूरी इमारत की मजबूती पर कैसे भरोसा किया जाए। शिक्षा विभाग ने ठेकेदार प्रवीण कुमार को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है।
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
घटना राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भोंडसी में निर्माणाधीन दो मंजिला नए भवन की है। यहां सोमवार को छत का एक हिस्सा भरभराकर अचानक गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मजदूर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंच गए और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा) सुदेश राघव ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। एसडीओ, जेई और ठेकेदार से जवाब तलब किया गया। प्रारंभिक जांच में बताया गया कि भवन का लेंटर दो चरणों में डाला गया था। पहले हिस्से में कोई कमी नहीं मिली, जबकि दो दिन पहले डाले गए हिस्से में गुणवत्ता संबंधी खामी की आशंका जताई गई है।
ग्रामीण बोले- गुणवत्ता की हो निष्पक्ष जांच
भोंडसी के गणमान्य नागरिक भागीरथ राघव, यशवीर राघव, राजेश राघव, रंजीत सिंह, कंवरपाल छौंकर और लोकेश राघव ने कहा कि स्कूल भवन के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि चूक ठेकेदार, जेई या एसडीओ के स्तर पर हुई है। दोषी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
भवन बनने तक लड़कों के स्कूल में पढ़ रहीं छात्राएं
करीब तीन वर्ष पहले भोंडसी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को अपग्रेड किया गया था, लेकिन जर्जर भवन और कमरों की कमी के कारण नया भवन स्वीकृत किया गया। शिक्षा विभाग ने करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला भवन के निर्माण को मंजूरी दी थी।
पुराना भवन जर्जर होने के कारण उसे गिरा दिया गया था। उसी स्थान पर नया दो मंजिला भवन बनाया जा रहा है। भवन का एक हिस्सा तैयार हो चुका है, जबकि शेष निर्माण कार्य जारी है।
विद्यालय की प्राचार्य बीनू यादव ने बताया कि भवन उपलब्ध नहीं होने से फिलहाल छात्राओं की कक्षाएं पास के लड़कों के स्कूल भवन में संचालित की जा रही है। छत का हिस्सा गिरने की घटना गंभीर है।
एसडीओ और जेई की सहमति के बिना लेंटर ढलवाया
जिला परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा) सुदेश राघव के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भवन का एक हिस्सा ठीक है, जबकि दो दिन पहले डाले गए लेंटर में गुणवत्ता संबंधी खामी मिली है।
यह भी पता चला है कि एसडीओ और जेई की सहमति के बिना ठेकेदार ने लेंटर डलवाया, जिसमें मैटेरियल को लेकर चूक है। ठेकेदार परवीन को नोटिस जारी किया है।
पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। जो भी अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।

