अमेठी में धान की नर्सरी डालने के समय सूखी पड़ी नहर, 50 हजार से अधिक किसान प्रभावित; पानी छोड़ने की मांग 

सिंहपुर, (अमेठी)। किसानों के खेतों में धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है। लेकिन, क्षेत्र की मुख्य पोषक नहर सिंहपुर रजबहा में पानी नदारत है। नहर में पानी न आने की वजह से धान की नर्सरी डालने तैयारी करने में जुटे किसानों के सामने पानी का प्रबंध करना बड़ी समस्या है। जिन किसानों ने किसी तरह नर्सरी डाल भी दी है, उन्हें धान की नर्सरी सिंचाई में दिक्कत उठानी पड़ रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की माने नहर में 15 जून से पहले पानी आने की उम्मीद नहीं है।

शारदा सहायक सिंचाई निर्माण खंड अमेठी की सिंहपुर रजबहा के द्वारा क्षेत्र की लौली, जैतपुर, टेढ़ई, सातनपुरवा, भानीपुर, गढ़ी महावल, सिंहपुर, अहोरवा भवानी, रुकुनपुर, गौंडा, फूला, रस्तामऊ, खानापुर, फत्तेपुर, भीखीपुर समेत करीब 50 से अधिक ग्राम पंचायतों के 50 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है।

नर्सरी डालने की जुगत में लगे किसान

सिंहपुर रजबहा से शिवरतनगंज , रस्तामऊ और राजापुर सिस्टम की दो दर्जन से अधिक माइनर और अल्पिका निकली हैं। नहर में पानी न होने की वजह से जिन किसानों के पास ट्यूबवेल का साधन है वो महंगे दामों पर डीजल की खरीदारी कर जैसे तैसे धान की नर्सरी डालने की जुगत में लगे हैं। लेकिन, ऐसे किसान जो खेती के लिए नहरों पर आश्रित रहते हैं उन्हें धान की नर्सरी डालने और नर्सरी को बचाने के लिए नहर में पानी आने का इंतजार है।

किसान सतीश कुमार, ऋषि कुमार, संतोष कुमार, राजकुमार आदि ने बताया कि धान की नर्सरी को बचाने के लिए हर तीसरे दिन पंपिंग सेट के पानी का सहारा लेना पड़ता है। इससे धान की लागत बढ़ने के साथ ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

सभी नहर मेन ब्रांच से ही बंद हैं। अभी नहर में कम से कम 10 दिन पानी नहीं आएगा। 15 जून के बाद मेन ब्रांच में पानी छोड़ा जाएगा। उसी के बाद सिंहपुर रजबहा में भी पानी आने की उम्मीद है। -संदीप कुमार, अवर अभियंता, नहर विभाग

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