
गोहाना। गुरुवार रात हुई वर्षा ने प्रशासन के जल निकासी संबंधी दावों पर सवाल खड़े कर दिए। शहर के सबसे पॉश और एकमात्र विकसित रिहायशी क्षेत्र माने जाने वाले सेक्टर सात की कई सड़कों पर शुक्रवार सुबह तक पानी भरा रहा।
जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पर सेक्टर के लोगों ने प्रशासन से समय रहते निकासी व्यवस्था को उचित प्रबंध करने की मांग की।
नगर पार्षद निपुण सहरावत, सुनील भंडेरी व रमेश सैनी ने कहा कि रात को क्षेत्र में वर्षा हुई। सुबह लोग घरों से बाहर निकले तो सेक्टर की सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। कई जगहों पर पानी इतना अधिक भर गया कि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा।
नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्गों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा कि मानसून अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले हुई वर्षा ने जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने ला दी है। यदि मानसून के दौरान लगातार वर्षा होती है तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सेक्टर सात शहर का प्रमुख रिहायशी क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं। इसके बावजूद जल निकासी की समस्या लगातार बनी हुई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले ड्रेनेज व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि आगे वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
लोगों के अनुसार हर साल वर्षा के मौसम में इसी प्रकार की स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।

