
पटौदी (गुरुग्राम)। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच पटौदी की शिव कॉलोनी के निवासी पिछले डेढ़ वर्ष से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कॉलोनी की मुख्य सड़क पर सीवर का गंदा पानी और कीचड़ इस कदर जमा है कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
वार्ड नंबर 12 और 13 के बीच (सीमा पर) स्थित इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोग छोटे अधिकारियों से लेकर नेताओं और उपायुक्त तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
कॉलोनी में मुख्य रूप से अनुसूचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग रहते हैं। इस कॉलोनी में कोई बाजार न होने के कारण निवासियों के पास खरीदारी के लिए बाहर जाने का यही एकमात्र रास्ता है। स्कूली बच्चे भी इसी मार्ग से होकर स्कूल जाते हैं। ऐसे में सभी को इसी सीवर के गंदे बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
वहीं, लगातार पानी जमा रहने से सड़क पर गड्ढे भी बन चुके हैं। आए दिन दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री इस स्थल पर फिसल कर गिरते रहते हैं। हद तो तब हो जाती है जब किसी की मृत्यु होने पर शव यात्रा को भी इसी गंदे पानी और कीचड़ के बीच से ले जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का दर्द है कि इस गंदगी के कारण अब उनके बच्चों के रिश्ते तक होने बंद हो गए हैं।
लाइन बदलने की जगह विभाग ने खोदा एक और गड्ढा
समस्या का मुख्य कारण सब्जी मंडी से होंडा शोरूम के बीच सीवर पाइपलाइन का बैठ जाना और ब्लाक होना है। समाधान के नाम पर जन स्वास्थ्य विभाग ने अस्थाई रूप से मोटर लगाकर पानी निकालने का उपक्रम किया, लेकिन मोटर भी नियमित नहीं चलाई जाती। उल्टा, विभाग ने मोड़ पर एक बड़ा गड्ढा खोद दिया है जो अब आवारा पशुओं और वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
कई माह पूर्व विधायक बिमला चौधरी के बेटे भाजपा नेता रवि चौधरी ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता के साथ मौके का मुआयना किया था। अधिकारियों ने जल्द लाइन बदलने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी फाइलें चंडीगढ़ के चक्कर काट रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन महज 150 से 200 फीट की पाइपलाइन बदलने के लिए सवा साल में एस्टीमेट पास नहीं हो पाया। हैरानी की बात यह है कि नई पाइपलाइन के पाइप काफी समय से मौके पर डंप पड़े हैं, लेकिन विभाग उन्हें जमीन में दबाने की जहमत नहीं उठा रहा है।
डेढ़ साल से हम इस नरक में रह रहे हैं। कालोनी का एकमात्र रास्ता होने से किसी की मृत्यु हो जाए तो इसी कीचड़ और सीवर के पानी से ले जाना पड़ेगा। सवा वर्ष से इसको लेकर अधिकारियों से मिल रहे हैं। परंतु समाधान नहीं हुआ। – रमेश कुमार भारद्वाज, कॉलोनी निवासी
बाजार जाने का यही इकलौता रास्ता है। कीचड़ में पैर फिसलने से कई महिलाएं एवं बच्चे चोटिल हो चुके हैं। रिश्तेदार भी हमारे घर आने से कतराते हैं। – संतरा, स्थानीय महिला
पिछले डेढ़ वर्ष से शिव कालोनी के लोगों से पैदल चलने का हक भी छीन लिया गया है। यह सुशासन नहीं, प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है। – दीपक दोचनिया
डेढ़ साल तक लोगों को सीवर के गंदे से गुजरने को मजबूर करना विभागीय, प्रशासनिक तथा सरकारी विफलता है। गली के मोड़ पर विभाग द्वारा मोटर डालने के लिए किया गया गड्ढा भी दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। – बृज भूषण शर्मा, स्थानीय नागरिक
इस समस्या को लेकर वे विभाग के आला अधिकारियों से लेकर उपायुक्त तथा विधायक तक से मिल चुके हैं। समाधान शिविर में भी आठ माह पूर्व शिकायत लगाई परंतु समाधान आज तक नहीं हुआ। – ब्रह्म दोचनिया, पूर्व पार्षद
शिव कालोनी में एक लंबे समय से बनी हुई गंभीर समस्या का विभाग ने आज तक समाधान नहीं किया है। बरसात से पहले पहले विभाग समस्या का समाधान करे। – चंद्रभान सहगल, पार्षद
सीवर पाइपलाइन बदलने का एस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है। बजट और टेंडर की स्वीकृति मिलते ही काम युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया जाएगा। – राहुल, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग

