
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री के गुरुग्राम आगमन के दौरान शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी अव्यवस्थाओं के विरोध में उनके काफिले के सामने काले झंडे दिखाए और गो-बैक के नारे लगाए।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सिविल लाइंस थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया और आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रात में गिरफ्तार कर लिया।
मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के लिए सिविल लाइंस स्थित जान हाल पहुंचे थे। इसके बाद उनका काफिला जब गुरुग्राम यूनिवर्सिटी जा रहा था, इसी दौरान ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सिविल लाइंस में ही सड़क पर आ गए।
कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाए। कहा कि शहर में व्याप्त समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, केवल दौरे हो रहे हैं, इससे कोई फायदा नहीं होने वाला।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में भी कई अव्यवस्थाएं हैं, मुख्यमंत्री को जेन जी एंटरप्रेन्योर से बातचीत के साथ-साथ उनकी समस्याएं भी सुननी चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अचानक हुई इस घटना से पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए।
पुलिस ने तुरंत उन्हें सड़क से हटाकर साइड किया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। काफिले के सामने काले झंडे दिखाने को लेकर स्थानीय इंटेलिजेंस भी फेल नजर आया। सूत्रों के अनुसार इंटेलिजेंस को सुबह तक इस घटना के बारे में कोई भी अग्रिम जानकारी नहीं थी।
रात में हुई कार्रवाई
इस मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। शुक्रवार रात आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं नीरज यादव, शिव कुमार, निखिल, अनुज, हरकेश प्रधान, अमन प्रजापति, राजीव यादव और हरेन्द्र को थाने बुलाया गया।
पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। उसमें कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की गई। वही दोनों जिला अध्यक्षों के नाम भी एफआईआर में लिखे गए हैं। पुलिस के मुताबिक अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

