
नया गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों में बिजली आपूर्ति को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम प्रगति हुई है। सेक्टर-99 में बन रहे 220 केवी सबस्टेशन को चालू करने के लिए जरूरी ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
जीएमडीए ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) को द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) उपलब्ध कराने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। साथ ही ट्रांसमिशन लाइन के अंतिम अलाइनमेंट और मौजूदा यूटिलिटी नेटवर्क की सुरक्षा करने के लिए पांच सदस्यीय संयुक्त समिति गठित की गई है, जिसे 10 दिन में अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
जीएमडीए के राइट ऑफ वे के उपयोग का प्रस्ताव
यह निर्णय बुधवार को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एचवीपीएनएल ने सेक्टर-99 स्थित 220 केवी सबस्टेशन को दौलताबाद फीडर से लाइन-इन लाइन-आउट (एलआइएलओ) प्रणाली के माध्यम से जोड़ने और आगे इसे मानेसर तक जोड़ने के लिए जीएमडीए के राइट ऑफ वे के उपयोग का प्रस्ताव रखा।
बैठक में ट्रांसमिशन लाइन के प्रस्तावित रूट पर विस्तार से चर्चा हुई। जीएमडीए के सीईओ ने स्पष्ट किया कि परियोजना आगे बढ़ाई जाए, लेकिन जलापूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी मौजूदा सार्वजनिक सुविधाओं को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य से एचवीपीएनएल के अधीक्षण अभियंता के.के. सरकार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संयुक्त समिति गठित की गई है।
ट्रांसमिशन लाइन के अंतिम अलाइनमेंट पर सहमति बनेगी
समिति में एचवीपीएनएल की कार्यकारी अभियंता वनिता बंसल के अलावा जीएमडीए के जलापूर्ति शाखा के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा, सीवरेज शाखा के कार्यकारी अभियंता विभोर तथा ड्रेनेज शाखा के कार्यकारी अभियंता विक्रम कुमार को शामिल किया गया है। समिति अगले 10 दिनों में संयुक्त निरीक्षण कर ट्रांसमिशन लाइन के अंतिम अलाइनमेंट पर सहमति बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी यूटिलिटी सेवा में बाधा न आए।
जनहित को प्राथमिकता देते हुए एचवीपीएनएल को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सेक्टर-99 का 220 केवी सबस्टेशन शुरू होने के बाद न्यू गुरुग्राम के उभरते रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टरों में बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी और बढ़ती मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा। – पीसी मीणा, सीईओ, जीएमडीए

