
प्रयागराज। शहर में कई ऐसे मुहल्ले हैं, जो कहने को तो आवासीय है लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां अधिक हो रही है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को तो असुविधा हो ही रही है, नगर निगम को भी करोड़ों रुपये आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
कोचिंग, हॉस्टल आदि के लिए किराए पर दे रहे भवन
दो से तीन मंजिल के आवासीय भवनों में बड़ी संख्या में लोगों ने दुकान खोल लिए हैं, हाॅस्टल, कोचिंग औरनर्सिंग होम आदि का संचालन के लिए कराए पर दे दिया है। भवन स्वामी तो मोटी कमाई कर रहे हैं, लेकिन गृहकर नाममात्र का ही टैक्स जमा कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से ऐसे मकानों का मुहल्ले के अनुसार सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद नए सिरे से गृहकर का निर्धारण किया जाएगा।
कहां हो रहा आवासीय भवनों का व्यावसायिक रूप?
शहर के कटरा, दारागंज, महर्षि भरद्वाजपुरम, बैरहना, सिविल लाइंस, टैगोर टाउन, जार्जटाउन, लूकरगंज, हिम्मतगंज, मुट्ठीगंज, सुलेमसराय, अशोक नगर, मम्फोर्डगंज, सलोरी, गोविंदपुर, एलनगंज आदि मुहल्लों में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं।
कर निर्धारण होगा : मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई ने बताया कि कुछ मुहल्लों में आवासीय भवनों में व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। उनका सर्वे कराकर नए सिरे से कर निर्धारण होगा। इससे नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी।

