मानेसर के गांवों को मिलेगी पेयजल संकट से मुक्ति, 34 करोड़ की परियोजना से मिलेगा 15 MLD पानी

गुरुग्राम। मानेसर और आसपास के गांवों में लंबे समय से चल रहे पेयजल संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीदहै। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने गांव कासन, खोह और मानेसर को प्रतिदिन 15 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) नहरी पेयजल उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी है।

जीएमडीए की स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम मानेसर (एमसीएम) ने परियोजना का करीब 34 करोड़ रुपये का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी के लिए मुख्यालय को भेज दिया है।

सेक्टर-92 से आगे बढ़ेगा नेटवर्क

जीएमडीए के एक्सईएन अभिनव वर्मा ने बताया कि जीएमडीए का नहरी पेयजल नेटवर्क सेक्टर-92 और सेक्टर-95 तक उपलब्ध है। नई योजना के तहत नगर निगम मानेसर द्वारा इसी नेटवर्क से आगे मुख्य पाइपलाइन बिछाकर गांवों तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा। मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू होगा।

ऐसे बनाया जाएगा रूट प्लान

तैयार किए गए रूट प्लान के अनुसार मुख्य पाइपलाइन सबसे पहले गांव कासन तक पहुंचेगी। इसके बाद खोह गांव को जोड़ा जाएगा और अंतिम चरण में मानेसर गांव तक नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद तीनों गांवों के हजारों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और टैंकरों व भूजल पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

भूजल दोहन पर लगेगा अंकुश

मानेसर क्षेत्र में लगातार बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के कारण भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में नलकूप और सबमर्सिबल पंपों का उपयोग किया जा रहा है। नहरी पानी की नियमित आपूर्ति शुरू होने से भूजल के अत्यधिक दोहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

पुराने जल स्रोतों को भी किया जाएगा दुरुस्त

नगर निगम ने इस परियोजना के साथ-साथ गांवों में पहले से स्थापित पुराने और खराब पड़े सबमर्सिबल पंपों तथा नलकूपों को भी दुरुस्त करने की योजना बनाई है। इन्हें आपात स्थिति और बैकअप व्यवस्था के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

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