
गुरुग्राम। साइबर सिटी में सड़क और परिवहन योजनाओं पर 386 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शहरी निकायों एवं जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने गुरुग्राम के पार्षदों एवं जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में चल रहे और आगामी विकास कार्यों की समीक्षा की।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सहयोगात्मक प्रशासन पर जोर देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि और जीएमडीए अधिकारी गुरुग्राम के विकास के लिए एक संयुक्त टीम के रूप में कार्य करेंगे।
उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में नियमित फीडबैक साझा करने, अधिकारियों के साथ संयुक्त फील्ड विजिट करने और प्रमुख नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया।
सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनेंगे
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि शहर में कनेक्टिविटी मजबूत करने और निर्बाध सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए लगभग 386 करोड़ रुपये की लागत वाली 51 प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 12 कार्य आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 39 परियोजनाएं वर्तमान में आवंटन प्रक्रिया में हैं।
पांच एलिवेटेड कॉरिडोर और सात फ्लाईओवर एवं अंडरपास विकसित करने की भी योजना बनाई गई है। प्रस्तावित प्रमुख परियोजनाओं में एनएच-48 से वाटिका चौक, राजीव चौक से अतुल कटारिया चौक, महावीर चौक से इफको चौक और अतुल कटारिया चौक से द्वारका एक्सप्रेसवे तक मोबिलिटी सुधार कार्य शामिल हैं।
मानसून की तैयारी, ड्रेनेज सुदृढ़ीकरण पर फोकस
बैठक में पार्षदों को मानसून से पूर्व शहरभर में किए जा रहे ड्रेनेज सुदृढ़ीकरण एवं डी-सिल्टिंग कार्यों की जानकारी भी दी गई। लेग-4 ड्रेन, नरसिंहपुर ड्रेन, ताऊ देवी लाल स्टेडियम ड्रेन तथा सेक्टर 68–75, 76–80 और 112–115 में चल रही ड्रेनेज परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया। जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि शहरभर में गहन डी-सिल्टिंग कार्यों के लिए 200 से ज्यादा मैनपावर तैनात की गई है।
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
जीएमडीए अधिकारियों ने यह भी बताया कि लोटस वैली स्कूल रोड, गुरुग्राम यूनिवर्सिटी स्कूल रोड, एसपीआर, सुभाष चौक और अतुल कटारिया चौक सहित कई स्थानों पर मलबा हटाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट के अवैध डंपिंग को रोकने के लिए संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सीएंडडी सामग्री के पुनः उपयोग के लिए एक समर्पित पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।
बायोडायवर्सिटी पार्क में लाइब्रेरी और एम्फीथिएटर बनेगा
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पार्षदों को शहर में खेल एवं सामाजिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की भी जानकारी दी। इनमें ताऊ देवी लाल स्टेडियम का उन्नयन, सेक्टर-15 के साथ स्पोर्ट्स बेल्ट का विकास तथा सेक्टर-52ए स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में लाइब्रेरी और एम्फीथिएटर की स्थापना शामिल है।

